कब्ज़ – कारण एबं उपचार

कब्ज़ – कारण एबं उपचार

पुरी दुनियां में अधिकतर बिमारियों का प्रमुख कारण ‘ कब्ज ‘को माना जाता है। खान -पान में असयंम के कारण ही कब्ज मनुष्य को शिकार बनाती है और सयंमित खान -पान आपको इस बिमारी से निजात दिलवा देता है। अलग -अलग दवाईयां लोग प्रयोग करते हैं कब्ज से छुटकारा पाने के लिए ,असर भी होता है लेकिन अधिकतर प्रयास थोड़े समय बाद निष्फल हो जाते हैं क्योकि कब्ज खान -पान से उपजी हुई बिमारी  है और खान -पान में सुधार ही कब्ज का पक्का इलाज है। दवाइयों के साइड- इफ्फेक्ट भी बहुत होते हैं इस लिए कुछ देसी नुस्खे जो भारत में हज़ारों सालों से सफलता पूर्बक प्रयोग किये जाते हैं बिना साइड – इफ्फेक्ट  के , उनका प्रयोग भी फायदे मंद है।

1 . पहला प्रयोग है रात में एक लीटर या अधिक पानी ताम्बे के बर्तन में भर कर रखना और सुबह सूरज उदय से पहले बासी मुंह अर्थात बिना कुला किये घूँट -घूँट करके पीना ,  70 -80 % लोगों की कब्ज सहित पेट कि अन्य  कई बिमारियों का इलाज सिर्फ इस एक प्रयोग से हो जायेगा ,शर्त यही है कि ये प्रयोग रोज करें।  बड़े और बच्चे सभी के लिए ये लाभ कारक है।

2 . रात में सोने से पहले त्रिफला चूर्ण पानी के साथ लेने से भी फायदा होता है लेकिन इस चूर्ण को खाने से पहले और बाद में  1. 30 घंटे तक  दूध का सेवन नहीं करना है। ये चूर्ण सवेरे भी लिया जा सकता है जब आप खाली पेट पानी पिएंगे। चूर्ण खाने में अगर दिक्क्त महसूस करते हैं तो रात को एक गिलास पानी  में चूर्ण भिगो कर रख ले सबेरे गिलास का पानी पी लें और गिलास में नीचे बैठा चूर्ण फेंक दें।

3 . गुल कंद का प्रयोग भी कब्ज में बहुत लाभ दायक होता है , इसे दूध के साथ लिया जा सकता है रात को। बाकि दोपहर  में  खा सकते हैं खाने के बाद ।

4 . हरड़ का प्रयोग भी किया जा सकता है इसका चूर्ण भी मिलता है और हरड़ का सूखा फल भी मिलता  है।   हरड़ चूर्ण गर्म पानी के साथ लें , हरड़ फल को  चूसना चाहिए और फिर चबा जाएँ।

5 . खाने के बाद सोंफ का प्रयोग तथा गुड़ का प्रयोग भी कब्ज हटाते हैं। गौ -दूध में सौंफ काढ़ कर पीने से भी लाभ होता है।

6 . पपीते के पक्के फल खाने से भी कब्ज में लाभ होगा।

7 . दोपहर में भोजन के बाद छाछ पीने से भी कब्ज से आराम मिलता है।

8 . अंकुरित अनाज का सेवन भी कब्ज में फायदा करता है।

9. रात को तेज शक़्कर और देसी घी डाल कर दूध पीना भी कब्ज में फायदा करता है

10. आंव्ला किसी भी रूप में चाहे फल के रूप में या चटनी और अचार आदि के रूप में पाउडर के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं। . आंव्ले का मुरब्बा भी खाया जा सकता है। आजकल आंवले का  जूस भी मार्किट में मिल जाता है ,अगर इसके साथ एलोवेरा का जूस भी पिया जाये तो कब्ज का नामोनिशान ही मिट जाता है। ये दोनों जूस सुबह खाली पेट 1-2 चमच्च पानी के गिलास में डाल कर पीने चाहिए। फिर दो घंटे तक कुछ ना लें। आंवला जूस में हल्दी भी डाल कर प्रयोग कर सकते हैं।

11 . गेहूं का ज्वारा पेट के अधिकतर रोग ख़ास करके कब्ज का राम बाण इलाज है ,इस के लिए आपको एक ही आकार की 9 छोटी -छोटी क्यारियां बनानी हैं। रोज एक क्यारी में गेहूं के दानो की विजाई करनी है 10 बे दिन 1 नंबर क्यारी में उगी हुई गेहूं जड़ समेत उखाड़ कर झाड़ने के बाद पानी से धो लें फिर चाहे तो ओखली में कूट कर या फिर मिक्सी के प्रयोग से चटनी की तरह पीस कर उसे निचोड़ ले , जो जूस प्राप्त होगा उसे पी लें। गेहूं के ज्वारे का जूस प्राकृति का उपहार है मानव जाति के लिए।

12 . कच्चा सलाद भी कब्ज को समाप्त करने में बहुत सहायक होता है। सलाद के रूप में गाजर ,मूली,शलजम ,चुकंदर ,आंवला ,बंद गोभी आदि का प्रयोग किया जा सकता है, हो सके तो रात के भोजन में सलाद तथा अंकुरित अनाज अधिक  मात्रा में  शामिल करें और कब्ज को दूर भगाएं।

इसके साथ ही स्ट्रेस और चिंताओं से बचें। आजकल कब्ज के अधिकतर मामलों में मानसिक दवाब और चिंता खान -पान के साथ बराबर की  जिम्मेदार हो गयी हैं।

 

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